रांची में जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन की पेंटिंग प्रतियोगिता, 35 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
रांची, 16 जून 2026 : जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन द्वारा श्री रामप्रवेश बाल संस्कार केंद्र, वीर बिरसा नगर, रांची में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संत जेवियर्स कॉलेज, रांची के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश पांडेय, विशिष्ट अतिथि श्रीमती विमला पांडेय, अतिथि अरुण कुमार, संस्था के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, निदेशक सुप्रिया भारती तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर जी.पी. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि आज के बच्चे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उनका संरक्षण, पोषण, मार्गदर्शन एवं संस्कारवान बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि एक चित्र अनेक शब्दों की अभिव्यक्ति का कार्य करता है। चित्रों में अनुभव, अनुभूतियां और भावनाएं समाहित होती हैं तथा उन्हें चित्र के माध्यम से व्यक्त करना एक विशेष कला है।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती विमला पांडेय ने अपने संबोधन में बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज जो कार्य और संस्कार उन्हें सिखाए जा रहे हैं, भविष्य में उन्हें भी समाज के लिए वही भूमिका निभानी होगी।
संस्था के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय ने कहा कि ऐसे बाल संस्कार केंद्रों की आवश्यकता केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। उन्होंने समाज के सहयोग से अधिक से अधिक बाल संस्कार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर जी.पी. सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कल के राष्ट्र निर्माता हैं। यदि आज उनकी नींव मजबूत होगी तो भविष्य का भारत अधिक समृद्ध, प्रभावशाली और विकसित बनेगा।
पेंटिंग प्रतियोगिता में 35 बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चित्र बनाकर अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया। कुछ चित्र राष्ट्रभक्ति पर आधारित थे, तो कुछ पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा भारत की प्रगति एवं मजबूती को दर्शाने वाले थे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जय प्रकाश पांडेय एवं श्रीमती विमला पांडेय को "महादानी कर्ण सेवा सम्मान" से सम्मानित किया गया।
संस्था के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी (सीईओ) डॉ. भरत भूषण ने कहा कि समाज में परिवर्तन की नींव भले ही कोई एक व्यक्ति रखता है, लेकिन उसे आगे बढ़ाने का कार्य सामूहिक सहयोग से ही संभव होता है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य उन सभी सहयोगियों के समर्पण का परिणाम हैं, जो इसकी नींव को मजबूत बनाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। जब तक ऐसे लोगों का सहयोग मिलता रहेगा, संस्था समाजहित में इस प्रकार के रचनात्मक कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चारवा भगत, सावित्री कुमारी, अंजलि कुमारी, संजना कुमारी तथा गिरी कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
















